एक नीड़ ख्वाबों,ख्यालों और ख्वाहिशों का
Showing posts with label
बस यूँ ही
.
Show all posts
Showing posts with label
बस यूँ ही
.
Show all posts
Wednesday, April 28, 2010
बड़ा गुरुर है गूगल को
बड़ा
गुरुर
है
गूगल
को
अपनी
सोच
अपनी
तकनीक
पर
नंबर
वन
सर्च
इंजन
बना
फिरता
हैं
खोजी
दस्तों
का
मै
नज़्म
लिखना
छोड़
दूं
गर
तुमको
ढूंढ
के
लाये
वो
।
"प्रिया
"
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)