Wednesday, November 11, 2009

"और पत्ता हरा हो गया"






" तू तसव्वुर में नहीं था लेकिन ,
सूखे पत्ते पे तेरा चेहरा दिखाई देता है
हैरानगी और भी बढ़ जाती है ...
जब वो पत्ता हरा दिखाई देता है। "






20 comments:

aarya said...

आँखों कि बात यूँ ही जुबां पे नहीं आती
कुछ बात उसमे है कि पैमाना छलकता है.
रत्नेश त्रिपाठी

Harkirat Haqeer said...

वो तेरे चेहरे का नूर था जो जिला गया सूखे पत्ते को .....

चार पंक्तियों में लाजवाब....!!

raj said...

sukha patta hara dikhayee deta hai.....wow!

SACCHAI said...

" bahut hi badhiya "

" dil ki baatoan ko kagaz per kaid kiya aapne khubsurti se aapke is andaz ko salam ."

----- eksacchai { AAWAZ }

http://eksacchai.blogspot.com

AlbelaKhatri.com said...

achha laga

अमरेन्द्र नाथ त्रिपाठी said...

kavita aur chitra ka

achcha sanyojan hai ...

rang aur patti se manav

man ki bat rakhi hai ...

sundar,,,,,,

M VERMA said...

कही यह हरापन अंतस का हरापन तो नही है!!
कितना सुन्दर अहसास दर्शाया है आपने
बेहतरीन

महावीर said...

आपने सिद्ध कर दिया कि खूबसूरत खयालात और भावों के इज़हार के लिए बहुत लंबी रचना की ज़रुरत नहीं होती. लिखने का अंदाज़ बहुत पसंद आया.
महावीर शर्मा

Udan Tashtari said...

जबरदस्त अभिव्यक्ति!

vandana said...

waaaaw ...nic one dear

Murari Pareek said...

chhoti si baat me man ki saari baat sunaadi!!! bahut sundar

शोभना चौरे said...

hara patta jindgi de gya .
lajvab

दिगम्बर नासवा said...

YUE UNKE CHEHRE KA NAHI AAPKI AANKHO KA JADOO HAI ...
CHAAR LAAINO MEIN LIKHI LAJAWAAB AUR GAHRI BAAT ... BAHOOT KAMAAL HAI ..

रश्मि प्रभा... said...

कम शब्दों में उमड़ते एहसास हैं.....

dr. ashok priyaranjan said...

अच्छा है ।

मैने भी अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है-घरेलू हिंसा से लहूलुहान महिलाओं का तन और मन-समय हो तो पढ़ें और कमेंट भी दें ।
http://www.ashokvichar.blogspot.com

कविताओं पर भी आपकी राय अपेक्षित है। कविता का ब्लाग है-
http://drashokpriyaranjan.blogspot.com

Sudhir (सुधीर) said...

उत्तम अभिव्यक्ति

अर्शिया said...

बहुत ही दिलकश है यह नीड़।
------------------
11वाँ राष्ट्रीय विज्ञान कथा सम्मेलन।
गूगल की बेवफाई की कोई तो वजह होगी?

Devendra said...

आपके दोनों ब्लाग खूबसूरत हैं

JHAROKHA said...

बहुत खूबसूरत अभिव्यक्ति।
पूनम

Razi Shahab said...

waaaaw ...nic